जीवन का हर अच्छा काम कठिन और हर बुरा काम आसान होता है: चेतन भगत

पटना बिहार विविध

आरकेड बिजनेस कॉलेज का करियर सेमिनार हुआ आयोजित
पटना : हमारे जीवन के दो प्लान हैं प्लान ए और प्लान बी. प्लान ए में 18 साल से 28 साल तक खूब मजे करो, इन्स्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप पर पूरा समय बिताओ, खूब लाइक्स करो, गर्लफ्रेंड बनाओ, पार्टी करो, ये सोंच कि पढ़ाई तो हो जाएगी, अभी तो मस्ती के दिन हैं. दूसरा है, प्लान बी, जिसमें पार्टियाँ बहुत कम होंगी, ज्यादा समय पढ़ाई और आगे भविष्य बनाने की तैयारियों में लगेगा, लेकिन शायद गर्लफ्रेंड न हों, बहुत लाइक्स भी न मिलें. प्लान ए में आपको दस साल खूब मजे आयेंगे, लेकिन उसके बाद जिंदगी आपको बिल देगी. पढ़ाई अच्छी नहीं हुई, इसलिए जॉब अच्छी नहीं मिलेगी, फिर किसी तरह शादी होगी, अच्छा घर नहीं होगा, बच्चे होंगे, अच्छी जॉब नहीं है तो पैसे भी ज्यादा नहीं होंगे, बच्चे अच्छी स्कूल में नहीं पढ़ सकेंगे, फिर आप बूढ़े हो जओंगे और बच्चों से पैसे मांगोगे.
अच्छी जगह इलाज भी नहीं करा पाओगे, फिर तड़प कर मर जाओगे. अब इसके उलट, प्लान बी में ध्यान करियर पर होगा, मौज मस्ती और लाइक्स पर नहीं, लेकिन दस साल बाद एक अच्छी जॉब होगी, फिर घर भी ठीक ठाक होगा. जब तक शादी और बच्चे होंगे, कुछ पैसे भी जमा हो जायेंगे और आप अपने अंतिम दिन स्वाभिमान से जी सकेंगे, लेकिन वो दस साल वाला मजा नहीं होगा. अब चुनना आपको है कि आज आप इनमें से कौन सा प्लान अपने लिए लेना चाहते हैं. कोइपोचे, थ्री इडियट्स, हाफ गर्लफ्रेंड सरीखी फिल्मों के लेखक व अंतर्राष्ट्रीय मोटिवेटर चेतन भगत ने आज आरकेड बिजनेस कॉलेज के छात्रों के बीच यह करियर का मन्त्र दिया. उन्होंने कहा कि जीवन का हर अच्छा काम कठिन और हर बुरा काम आसान होता है.
सपने और उद्देश्य में बड़ा फर्क है. सपना हर कोई देखता है, परन्तु उद्देश्य को पूरा करने का दम कुछ लोगों में ही होता है. उद्देश्य पूरा करने में सबसे बड़ी रुकावट यह है कि हम स्वयं को मोटिवेट करके नहीं रखते. कुछ छात्र किसी परीक्षा की तैयारी करने के लिए शुरू में 10 घंटे पढ़ाई शुरू करते हैं, कुछ समय बाद वह घट कर 5 घंटा हो जाता है, फिर एक घंटा भी भारी लगने लगता है और फिर छात्र बोलता है कि यह तैयारी ही बेकार है, क्योंकि मुझे तो इस क्षेत्र में जाना ही नहीं है. अतः खुद को मोटिवेट रखते हुए जो लोग अपना काम करते हैं, सफलता उनके ही कदम चूमती है. सेमीनार के अंत में प्रश्नकाल रखा गया, जिसमें छात्रों ने बढ़ चढ़कर सवाल पूछे. एक सवाल का जवाब देते हुए चेतन भगत ने कहा कि मोबाइल और सोशल मीडिया किसी भी छात्र के औसतन 6 घंटे प्रति दिन खा जाते हैं, जो आपके करियर और समय का एक बहुत बड़ा नुकसान है और जिसका पता आपको बहुत समय बाद चलता है.

इसपर नियंत्रण करना बहुत जरुरी है. एक अन्य प्रश्न के उत्तर में चेतन ने कहा कि यदि आप एक बार सफल हो जाते हैं, तो आपको दोस्त और गर्लफ्रेंड भी मिल जायेंगे, लेकिन असफल होने पर जीवन भर आप एक दर्दनाक जीवन व्यतीत करेंगे और एक एक करके सब कुछ आपका जाता रहेगा और उस समय आप कुछ भी नहीं कर सकेंगे. इस अवसर पर पाटलिपुत्रा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गुलाबचंद राम जायसवाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि किताबी पढ़ाई के साथ साथ इस प्रकार के सेमीनार छात्रों को व्यवहारिक ज्ञान भी देते हैं, जो करियर के लिए बहुत जरुरी है. कॉलेज के निदेशक व करियर काउंसलर आशीष आदर्श ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्रों को अपने रोल मोडेल से मिलकर अपने करियर समस्यानों का समाधान देने का अवसर प्रदान करते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *