राज्य में औसतन 95 प्रतिशत किसान लघु एवं सीमांत श्रेणी के : कृषि मंत्री

पटना बिहार विविध

पटना : स्थानीय  बामेती सभागार में किसानों की आमदनी दोगुनी करने के उपाय विषय पर आयोजित एकदिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का उद्घाटन कृषि मंत्री डाॅ.प्रेम कुमार द्वारा किया गया|इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि राज्य में औसतन 95 प्रतिशत किसान लघु एवं सीमांत श्रेणी के हैं,इन छोटे किसानों के जोत का आकार छोटा होने के कारण किसी विशेष फसल का उत्पादन काफी कम होता है|

फलस्वरूप उनके उत्पादों का उचित लाभ नहीं मिल पाता है,अलग-अलग खेती करने के कारण खेती का लागत मूल्य भी अधिक होता है|मंत्री ने कहा कि अगर कई किसान मिलाकर कृषक उत्पादक संगठन बनाकर खेती करते हैं तो खेती का लागत मूल्य कम होगा वहीं दूसरी ओर सामूहिक खेती के कारण उत्पाद की मात्रा अधिक होगी|फलस्वरूप व्यवसायी स्वयं किसानों से संपर्क करेंगे अथवा किसान भी ई-मार्केटिंग के माध्यम से अपने उत्पाद को उचित मूल्य पर बेच पायेंगे|राज्य में छोटे-छोटे किसानों को संगठित कर सामूहिक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किसान उत्पादक संगठन का गठन किया जा रहा है|

कृषक उत्पादक संगठन, उत्पादकों का एक ऐसा संगठन है जिसमें उत्पादक ही शेयर धारक होते हैं तथा इसका स्वामित्व एवं संचालन भी इन्हीं के द्वारा किया जाता है|इस संगठन के माध्यम से खेती करने पर फसल उत्पादों के लिए बेहतर बाजार एवं उच्चतम मूल्य प्राप्त किया जा सकता है,इससे खेती का लागत मूल्य भी कम होगा| लघु किसान कृषि व्यापार संगठन भारत सरकार की एक ऐसी संस्था है जिसके माध्यम से किसान उत्पादक संगठन को 10 लाख रूपये तक का अनुदान प्राप्त होता है,इसके लिए कृषक उत्पादक संगठन में उत्पादकों की संख्या कम से कम 50 होनी चाहिए|इस संगठन का मुख्य उद्देश्य किसानों के उत्पादन से लेकर बाजार तक की सभी समस्याओं का समाधान करना है,राज्य सरकार द्वारा आत्मा योजना के माध्यम से राज्य के सभी जिलों में किसान उत्पादक संगठन का गठन किया जा रहा है|अब तक राज्य में लगभग 300 किसान उत्पादक संगठनों का गठन किया जा चुका है,जो सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है,इससे किसानों को काफी लाभ हुआ है|

सरकार इस दिशा में अधिक से अधिक संगठनों के निर्माण पर बल दे रही है,जिससे आने वाले समय में वैज्ञानिक खेती के माध्यम से किसान अपने फसलों की उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ाते हुए अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर सके|मंत्री डाॅ.कुमार ने कहा कि खेतीबारी के साथ-साथ मछलीपालन, कुक्कुटपालन,बकरीपालन एवं अन्य व्यवसायों के माध्यम से किसानों की आमदनी में काफी वृद्धि हो सकती है,इससे किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होने के साथ ही उनका जीवन स्तर भी काफी उंचा हो सकता है,यह कार्यशाला सभी किसानों के लिए काफी ज्ञानवर्द्धक एवं लाभप्रद साबित होगा|

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *