जिलाधिकारी

ठनका से बचने के लिए थोड़ी सावधानी बरतें : जिलाधिकारी

पटना बिहार विविध

पटना। जिलाधिकारी कुमार रवि ने ठनका (वज्रपात) अथवा आसमानी बिजली गिरने से बचाव हेतु सुरक्षा के उपाय से संबंधित सलाह दी। बताया कि हमारे जिला में आँधी-पानी के साथ ठनका (वज्रपात) गिरने की काफी घटाएं हो रही है। ठनका लगने से कई लोगों के मरने एवं घायल होने की सूचना हैं।सामान्यतः मानसून पूर्व एवं मानसून के बारिश के समय ठनका गिरने की घटाएं होती है। अतएव यह आवश्यक है कि हम ठनका से बचने के लिए थोड़ी सावधानी बरतें।
 जिलाधिकारी ने ठनका गिरने से जन-धन को होने वाली हानि से बचाव के दृष्टिकोण से आम जन का निम्न सलाह दीः-
1. आसमान में बिजली के चमकने/गरजने/कड़कने के समय यदि आप खुले में हो तो शीघ्रातिशीघ्र किसी पक्के मकान में शरण लें।
2. सफर के दौरान अपने वाहन में ही बने रहें। 
3. खिड़कियां, दरवाजे, बरामदे एवं छत से दूर रहें। ऐसी वस्तुएं, जो बिजली की सुचालक हैं, उनसे दूर रहें। 
4. बिजली के उपकरणों या तार के साथ सम्पर्क से बचें व बिजली के उपकरणों को बिजली के संपर्क से हटा दें। 
5. तालाब और जलाशयों से भी दूरी बनयें रखें। समूह में न खड़े हों, बल्कि अलग-अलग खड़े रहें।
6. यदि आप जंगल में हो तो बौने एवं धने पेड़ों के शरण में चले जायें। 
7. बाहर रहने पर धातु से बनी वस्तुओं का उपयोग न करें। बाईक, बिजली या टेलीफोन का खंभा, तार की बाड़, मशीन आदि से दूर रहें। धातू से बने कृषि यंत्र-डंडा आदि से अपने को दूर रखें। 
8. आसमानी बिजली के झटके से घायल होने पर पीड़ित व्यक्ति को तत्काल नजदीकी प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र ले जाने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
9. स्थानीय रेडियो अन्य संचार साधनों से मौसम की जानकारी प्राप्त करते रहें। 
10. यदि आप खेत खलिहान में काम कर रहे हों और किसी सुरक्षित स्थान की शरण न ले पाए हों तो, जहां हैं वहीं, हो सके तो पैरों के नीचे सूखी चीजें जैसे-लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते रख लें।
11. दोनों पैरों के आपस में सटा लें एवं दोनों हाथें से कानों को बंद कर अपने सिर को जमीन के तरफ यथा संभव झुका लें तथा सिर को जमीन से न सटाएं।
12. जमीन पर कदापि न लेटें। उँचे इमारत वाले क्षेत्रों में शरण नहीं लें। 
13. साथ ही बिजली एवं टेलीफोन के खंभों के नीचे कदापि शरण नहीं लें, क्योंकि उँचे वृक्ष, उँचे इमारतें एवं टेलीफोन/बिजली के खंभे आसमानी बिजली को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। 
14. पैदल जा रहे हों तो धातु की डंडी वाले छातों का उपयोग न करें। यदि घर में हों तो पानी का नल,फ्रिज, टेलीफोन आदि को न छूएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि ठनका के मामलों में मृत्यु का तात्कालिक कारण हृदयाघात है। अगर जरूरी हो तो ‘‘संजीवन क्रिया, प्राथमिक चिकित्सा’’ (Cardiopulmonary Resuscitation (CPR)) प्रारंभ कर दें। ‘‘संजीवन क्रिया, प्राथमिक चिकित्सा’’ (Cardiopulmonary Resuscitation (CPR)) देने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लें कि प्रभावित व्यक्ति के शरीर से विद्युत का प्रभाव न हो रहा हो। यह सुनिश्चित कर लें कि पीड़ित की नाड़ी एवं श्वास चल रही हो।


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