मुख्यमंत्री

जल-जीवन और हरियाली अभियान चलाया जायेगा : मुख्यमंत्री

पटना बिहार विविध

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  बिहार विधानसभा के विस्तारित सेंट्रल हॉल में आयोजित राज्य में जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न आपदाजनक स्थिति पर विमर्श कार्यक्रम में शामिल हुये| मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार विधानसभा के अध्यक्ष एवं बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति को इस बात के लिए बधाई देता हूं कि इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है|

इसी सेंट्रल हॉल में 27 जून को नवनियुक्त कर्मियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में मैंने जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न परिस्थिति की संक्षिप्त चर्चा की थी| कहा कि जलवायु परिवर्तन से वर्षापात में गिरावट,भूजल स्तर में गिरावट,पेयजल संकट,सूखे की स्थितिबाढ़ की स्थिति जैसी कई अनेक समस्यायें उत्पन्न हो रही है| सभी जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र में लोगों को पर्यावरण के बारे में जागरुक करना चाहिये,पर्यावरण संबंधी बातों पर चर्चा करने से लोगों में इसके प्रति जागृति आएगी|

मुख्यमंत्री ने कहा कि संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ के संबंध में 6 जुलाई को भी संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ के संबंध में संबंधित विभागों के साथ बैठक कर विस्तृत चर्चा की गई थी|उन्होंने कहा कि अभी कुछ दिनों से नेपाल और उत्तर बिहार मेंवर्षा हो रही है,जिससे कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है, संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारी कर ली गई है|मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रीन गैस प्रभाव के कारण तापमान बढ़ा है,जिससे जलवायु में परिवर्तन आया है,कार्बन डाइऑक्साइड, मिथेन, नाइट्रस ऑक्साइड गैसों की मात्रा बढ़ी है|वाहनों की बढ़ती संख्या, कारखानों के उपयोग, विकास के बदलते पैमाने जैसे अन्य कारकों से वातावरण में प्रदूषण बढ़ा है, अप्राकृतिक कारणों के माध्यम से भी जलवायु में परिवर्तन हो रहा है|उन्होंने कहा कि हर घर नल का जल उपलब्ध कराया जा रहा है लेकिन पेयजल का दुरुपयोग न हो, इसके लिए लोगों को सजग करना होगा|

कहा कि हाल ही में तापमान में बढ़ोतरी होनेे से मगध क्षेत्र में कई लोगों की मृत्यु हुई थी,वज्रपात होने से भी कई लोगों की मृत्यु हुई|मुजफ्फरपुर में एईएस से कई बच्चों की मौत हुई है,वातावरण में आ रहे बदलाव के कारण भी यह संभव हो सकता है|उन्होंने कहा कि बिहार के बंटवारे के बाद बिहार का हरित आवरण क्षेत्र काफी कम हो गया था,राज्य का हरित आवरण क्षेत्र बढ़ाने के लिये प्रयास किये जा रहे हैं|22 करोड़ पौधे लगाए गए हैं,अब बिहार का हरित आवरण क्षेत्र 15 प्रतिशत हो गया है, इसे 17 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य है| उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों एवं सूखा से प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए कई कार्य किए जाते हैं,हमारा मानना है कि राज्य के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है,आपदा की स्थिति में जनप्रतिनिधियों को अपने इलाके में लोगों की मदद में तत्पर रहना चाहिए|लगभग आठ घंटे तक मंथन हुआ,साठ से अधिक बिहार विधानमण्डल के सदस्यों ने अपने-अपने विचार एवं सुझाव दिये, 130 से अधिक सदस्यों ने अपने लिखित विचार सुपुर्द किये|

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल, जीवन और हरियाली अभियान पूरे बिहार में चलाया जायेगा, जल, जीवन और हरियाली अभियान को लेकर एक नई योजना के साथ-साथ उसके क्रियान्वयन की भी रणनीति तैयार की जायेगी|अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक माह के अंदर जल, जीवन और हरियाली अभियान ही नहीं बल्कि इसकी एक योजना बनाकर उसका क्रियान्वयन शुरू करा दें, इसके लिए जो धनराशि की आवश्यकता होगी उसका प्रबंध सपलमेंट्री बजट के माध्यम से किया जाएगा| उन्होंने कहा कि आज का दिन पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में आपसी एकजुटता के रूप में याद करने वाला होगा|एक अगस्त से वृक्षारोपण का काम इस बार पुनः शुरू हो रहा है,उन्होंने कहा कि जो छोटे-छोटे जलाशय है उसका पंचायत स्तर पर जबकि बड़े जलाशयों के जीर्णोद्धार एवं रखरखाव का काम लघु जल संसाधन विभाग के द्वारा किया जाएगा|जलाशयों को अतिक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में भी कार्रवाई की जायेगी,सार्वजनिक कुंओं का जीर्णोद्धार करने के साथ-साथ उसे बेहतर बनाने के लिए चिन्हित किया जा रहा है, इससे जल संरक्षण में सहूलियत होगी|जल सोखता का भी निर्माण किया जायेगा ताकि इसके माध्यम से पानी भूगर्भ में चला जाए,पहाड़ी क्षेत्रों में भी हरियाली बढ़ाने की कवायद चल रही है| उन्होंने कहा कि तालाब और झीलों का निर्माण कराकर जहां तक संभव हो उसमे वर्षा का पानी का संग्रह किया जाएगा जिससे भविष्य में उसका उपयोग किया जा सके|

कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जैविक खेती को अधिक से अधिक बढ़ावा देना होगा,सब्जी के तर्ज पर जैविक तरीके से अन्य फसलों की खेती करने पर अनुदान उपलब्ध कराने की दिशा में आगे विचार किया जाएगा|विमर्श को अध्यक्ष बिहार विधानसभा विजय कुमार चौधरी, कार्यकारी सभापति बिहार विधान परिषद हारून रसीद,उप मुख्यमंत्री सुशिल मोदी ने भी संबोधित किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार ने किया|कार्यक्रम में ग्लोबल वार्मिंग पर एक लघु फिल्म भी दिखायी गई,आपदा प्रबंधन,कृषि,जल संसाधन,लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण,ग्रामीण कार्य, पर्यावरण,वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने भी अपने-अपने विभाग से संबंधित प्रस्तुति दी|इस अवसर पर राज्य के मंत्रीगण,बिहार विधानमंडल के सदस्यगण,मुख्य सचिव दीपक कुमार,विकास आयुक्त सुभाष शर्मा सहित संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव,प्रधान सचिव-सचिव एवं अन्य वरीय अधिकारीगण उपस्थित थे|

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *