प्रेम कुमार

जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है राज्य सरकार : कृषि मंत्री

पटना बिहार विविध

पटना : कृषि मंत्री डाॅ.प्रेम कुमार ने कहा है कि राज्य सरकार जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है| जैविक खेती में फसल उत्पादन के लिए रासायनिक उर्वरकों एवं रासायनिक कीटनाशकों के स्थान पर जैव उर्वरक तथा जैव कीटनाशियों का प्रयोग किया जाता है | राज्य में जैविक उर्वरक एवं जैव कीटनाशकों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है|

जैविक खेती में उपयोग होने वाले इन जैव उपादानों की गुणवत्ता का निर्धारण भी काफी महत्वपूर्ण है|राज्य में गुणवत्तापूर्ण जैव उपादानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जैव उपादान विश्लेषण योजना का कार्यान्वयन किया जा रहा है|जैव उपादान विश्लेषण योजना के अंतर्गत 100 जैविक कीटनाशी का नमूना एवं 150 जैव उत्पाद का नमूना कुल 250 नमूना संग्रहण एवं इसकी गुणवत्ता की जांच करायी जायेगी,जिससे कृषकों को गुणवत्तायुक्त जैव कीटनाशी एवं जैव उत्पाद की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके|

मंत्री ने कहा कि कीटनाशी निरीक्षकवार जैविक कीटनाशी एवं जैविक उत्पाद का नमूना संकलन का जिलावार भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है| जैविक कीटनाशी विश्लेषण शुल्क 5000 रू. प्रति नमूना एवं जैव उत्पाद विश्लेषण शुल्क 11800 रू. प्रति नमूना की दर से व्यय किया जायेगा|जैव कीटनाशी सेन्ट्रल इनसेक्टिसाइड बोर्ड रजिस्ट्रेशन कमिटी एवं जैव उत्पाद नमूनों का विश्लेषण नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लांट हेल्थ मैनेजमेंट, हैदराबाद में होता है|

प्रमंडल, जिला एवं अनुमंडल स्तर पर अधिसूचित कीटनाशी निरीक्षकों द्वारा नमूना संग्रह कर जांच हेतु संबंधित प्रयोगशाला में भेजी जाएगी|प्रयोगशाला में प्राप्त फलाफल के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठान-विनिर्माता के विरूद्ध कीटनाशी अधिनियम के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी|कहा कि राज्य में वर्ष 2019-20 में जैव उपादान विश्लेषण योजना के कार्यान्वयन पर कुल 23.154 लाख रूपये व्यय किया जायेगा|

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