राज्यपाल

समय पर विश्वविद्यालय प्रकाशित करें परीक्षाफल : राज्यपाल

पटना बिहार विविध

पटना : महामहिम राज्यपाल लाल जी टंडन ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को परीक्षा एवं एकेडमिक कैलेण्डरों का शत-प्रतिशत अनुपालन करते हुए समय पर परीक्षाफल प्रकाशित करने का निदेश दिया है| राज्यपाल ने परीक्षाफल प्रकाशित होने के बाद अविलम्ब दीक्षान्त समारोह आयोजित करते हुए डिग्री-वितरण का भी आदेश सभी कुलपतियों को दिया है|उन्होंने कहा है कि पूर्व से लंबित परीक्षाओं को इस वर्ष का शिक्षण-सत्र प्रारंभ हाने के पूर्व हर हाल में आयोजित कर लियाजाय|

ज्ञात हो कि विगत 14 मार्च  2019 को राजभवन में आयोजित कुलपतियों की बैठक में समीक्षा के दौरान यह पाया गया था कि अन्तर स्नातक स्तर की 2 परीक्षा मगध विश्वविद्यालय बोधगया में,3 परीक्षा वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा में,5 परीक्षा जय प्रकाश विश्वविद्यालय छपरा में,3 परीक्षा बीएन मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा में एवं 3 परीक्षा बाबासाहेब भीमराव अम्बेदकर बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर में आयोजित नहीं हो पायी हैं|इसी तरह स्नातकोत्तर स्तर की 4 परीक्षा मगध विश्वविद्यालय बोधगया में,2 परीक्षा वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा में, 4 परीक्षा जय प्रकाश विश्वविद्यालय छपरा में,3 परीक्षा बीएन मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा में, 2 परीक्षा तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय भागलपुर में एवं 3 परीक्षा बाबासाहेब भीमराव अम्बेदकर बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर में आयोजित होनी बाकी हैं|कुलाधिपति ने इन सभी विश्वविद्यालय के कुलपतियों को कहा है कि यथाशीघ्र इन पूर्व लंबित परीक्षाओं का आयोजन करते हुए परीक्षाफल प्रकाशित किया जाय|

राज्यपाल ने कहा है कि इस वर्ष अभी तक दीक्षांत समारोह का आयोजन नहीं कर पाये तीन विश्वविद्यालय वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा, जय प्रकाश विश्वविद्यालय छपरा एवं मगध विश्वविद्यालय बोधगया यथाशीघ्र दीक्षांत समारोहों के लिए तिथि प्रस्तावित कर राज्यपाल सचिवालय का अनुमोदन प्राप्त कर लें|महामहिम ने अभी तक ‘गेस्ट फेकेल्टी’ के रूप में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं करनेवाले 5 विश्वविद्यालयों मगध विश्वविद्यालय बोधगया,वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा,बाबासाहेब भीमराव अम्बेदकर बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर,पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय पटना एवं मुंगेर विश्वविद्यालय मुंगेर के कुलपतियों को आवश्यकतानुसार गेस्ट फेकेल्टी के रूप में निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिक्षकों की नियुक्ति करने का आदेश दिया है, जिससे राज्य में शिक्षकों की कमी के कारण शिक्षण-व्यवस्था प्रभावित न हो|श्री टंडन ने विश्वविद्यालयीय विभागों एवं महाविद्यालयों में संस्थापित बायोमैट्रिक उपकरणों को सिर्फ शोभा के उपकरण नहीं बनाने की हिदायत देते हुए कहा है कि इनसे प्राप्त प्रतिवेदनों का सविस्तार सूक्ष्मतापूर्वक अध्ययन किया जाना चाहिए|राज्यपाल ने निदेशित किया है कि बायोमैट्रिक उपकरणों के जरिये शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों की हाजिरी की समीक्षा होनी चाहिए|राज्यपाल ने सभी कुलपतियों को निदेशित किया है कि वे शीघ्र वैसे तीन शिक्षकों एवं कर्मियों की सूची राजभवन को उपलब्ध करायें,जिन्होंने विगत माह काॅलेजों या अपने विभागों में कार्य दिवस के दौरान अधिकतम एवं न्यूनतम दिन व्यतीत किए हैं|

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