मनुष्य की वजह से आग ने लिया आपदा का रूप : व्यास जी

खेलकूद पटना बिहार विविध

आपदा प्रबंधन प्राधिकारण के उपाध्यक्ष व्यास जी ने कहा कि जिस अग्नि की अविष्कार ने मानव जीवन के तेज कदम को आगे बढ़ाया, वह आज लापरवाही के कारण आपदा बन जाता है. अग्नि को पूजा की वस्तु ही रहने दें, इसे आपदा नहीं बनने दें. वे प्राधिकारण द्वारा निरीक्षण भवन, राजवंशी नगर में आयोजित एक दिवसीय वर्कशॉप को संबोधित कर रहे थे. कहा कि जिस अग्नि की अविष्कार से जंगलों में रहने वाले हमारे पूर्वजों के जीवन स्तर में सुधार आया. आज वह कैसे आपदा बन गया, इस पर हमें विचार करना होगा.

कहा शायद मनुष्य की वजह से ही यह आग आज आपदा का रूप ले लिया है. मधुबनी में अपने सेवा काल के दौरान लोगों की लापरवाही से गांव के गांव जलने और 2016 के पंचायत चुनाव के दौरान अगलगी में एक सौ से अधिक लोगों की मौत की जानकारी देते हुए कहा कि घर मे चूल्हे की आग नहीं बुझाने की वजह से यह घटनाएं हुई. उन्होंने 2010 में बगहा में अगलगी की घटना कम होने की जानकारी देते हुए कहा कि वहां फूस के घर होने की वजह से अधिक अगलगी की घटना होती थी.

वहां के लोगों ने तय किया कि आठ बजे सुबह तक खाना बनाकर चूल्हा बुझा देना है. इसकी निगरानी स्थानीय सरपंच ने शुरू किया. आठ बजे के बाद चूल्हा जलाने वालों को एक्ट के तहत जुर्माना की चेतवानी दी गयी. अब यहां अगलगी की घटना नियंत्रण में है. प्राधिकारण के सदस्य डॉ यू के मिश्र ने कहा हम आमजन में चेतना पैदा कर इस तरह की आपदा को रोक सकते है. मिश्र ने कहा आपने देश मे लापरवाही की वजह से ही प्रति माह कम से कम दो तीन अगलगी की घटनाएं हो रही है.

आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव एस रामचंद्रू डु ने कहा अगलगी से जानमाल कि बहुत क्षति होती है. खलिहान में आग लगने से किसानों की साल भर की मेहनत खाक हो जाती है. वहीं प्राधिकारण के सचिव श्याम बिहारी मीणा ने कहा शहरों की अगलगी अब भी चुनौती है. कुल अगलगी का 35 प्रतिशत शॉर्टशर्किट से होती है. इसके लिए यदि में मानक के वायर का उपयोग करें तो इससे बच सकते हैं.

इसके लिए हमे पूर्व तैयारी करनी होगी. वर्कशॉप में एसडीआरएफ के केके झा समेत, फायर सर्विस आदि के अधिकारियों ने अग्नि से सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी. वर्कशॉप में अगलगी की रोकथाम, जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी एवं क्षमतावर्धन संबंधी मार्गदर्शिका पर विमर्श का आयोजन किया गया. इसमें सभी जिलों के जनप्रतिनिधि, नगर विकास विभाग के अधिकारी, बिहार पुलिस सेवा, बिहार प्रशाशनिक सेवा के अधिकारी, सीओ आदि शामिल हुए.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *